क्या वाकई किया गया था पिता को कमरे में बंद? गीता फोगाट ने बताई सच्चाई

गीता फोगट के कोच पीआर सोंधी ने दंगल टीम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है। दरअसल, फिल्म के आखिरी सीन में दिखाया गया है कि महावीर सिंह फोगट को स्टेडियम के एक कमरे में बंद कर दिया जाता है और ऐसा गीता के कोच करवाते हैं। जबकि सोंधी के मुताबिक ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था। उनकी छवि को बिगाड़ने की कोशिश की गई है। गीता फोगट ने भास्कर से विशेष बातचीत में कहा है कि ‘फिल्म में थोड़े बहुत बदलाव चलते हैं। हां इतना जरूर है कि मेरे पिता को कमरे में बंद नहीं किया गया था उन्हें एरीना (वह एरिया जहां पर रेसलर और रेसलिंग स्टाफ को रहने की मंजूरी होती है) में आने से रोका गया था।…बाद में उन्होंने गैलरी में बैठकर मैच देखा था।
पीआर सोंधी का फिल्म में नेगेटिव किरदार दिखाया जाना सही है या गलत?
इस सवाल के जवाब में गीता ने कहा, “कुछ हद तक यह सही भी है, ‘मेरे पिता ट्रेनिंग में मेरी मदद करना चाहते थे, लेकिन कोच उन्हें ऐसा करने से रोकते थे। कई बार तो गेट भी बंद कर दिया जाता था, जिससे उनका आहत होना लाजिमी है।”
‘मैं अपने कोच को पिता की तरह सम्मान देती हूं, लेकिन…
गीता ने आगे बताया, “फिल्म में दिखाया गया है कि मैंने फाइनल मैच बहुत मुश्किलों से जीता था, लेकिन सही मायनों में फाइनल नहीं सेमीफाइनल मैच मैंने मुश्किलों से जीता था। सबसे बड़ी बात यह है कि मैं अपने कोच को पिता की तरह सम्मान देती हूं। वैसे भी फिल्म में किसी कोच का नाम नहीं लिया गया है, फिर भी वे कार्रवाई करना चाहते हैं तो यह उनका अधिकार है। कुछ बदलाव फिल्म को रोचक बनाने के लिए भी किए गए हैं।”
“यह सही है, मैं गीता को कुछ टिप्स देना चाहता था, लेकिन मुझे उससे मिलने ही नहीं दिया गया।”
– महावीर फोगट

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