नोटबंदी के 50 दिन बाद पहले चुनाव में भी लहराया ‘भगवा’

नई दिल्‍ली। नोटबंदी के 50 दिन पूरा होने के बाद देश के पहले चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत हुई है। हरियाणा के सबसे पुराने फरीदाबाद नगर निगम की 40 में से 29 सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज कर कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया है। 10 पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं, जिसमें से एक समाजवादी पार्टी समर्थित है। इस चुनाव में यहां 10.29 लाख मतदाताओं में से 5,76,489 मतदाताओं ने वोट डाले। चुनाव के शुरुआत से ही यहां भाजपा के सामने कोई मजबूत विरोधी दल नहीं था। हरियाणा की भिवानी नगर परिषद में भी भाजपा ने परचम लहराया है। उसमें 31 में से 16 वार्डों में भाजपा समर्थित उम्‍मीदवार जीते हैं।

नोटबंदी की वजह से लोगों को हुई परेशानी के बाद भी इस चुनाव को कांग्रेस भुना नहीं सकी। इसमें कांग्रेस बीजेपी को नोटबंदी पर घेरने की जगह उससे पहले ही हार मान चुकी थी। पहले तो उसने अपने सिंबल पर प्रत्‍याशी नहीं उतारे और फिर समर्थकों के लिए किसी नेता ने प्रचार भी नहीं किया। जबकि बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी थी। हरियाणा के छह मंत्री इस चुनाव में प्रचार करने आए। दिल्‍ली भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष मनोज तिवारी, हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष सुभाष बराला, उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री रमेश पोखरियाल इस चुनाव का प्रचार करने पहुंचे। भाजपा ने इस चुनाव में नारा दिया था कि पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत करना है।

इस छोटे चुनाव में बड़ी जीत से हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर और फरीदाबाद के सांसद व केंद्रीय सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता राज्‍य मंत्री कृष्‍णपाल गुर्जर का नंबर भाजपा में बढ़ गया है। नोटबंदी के बाद चुनाव को लेकर भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। जब नरेंद्र मोदी हरियाणा में भाजपा के प्रभारी थे तो वह यहां लंबे समय तक रहे। इसी लगाव की वजह से वह पीएम बनने के बाद यहां कई बार आ चुके हैं। इस शहर का जनमत उनके पक्ष में आया है।

नोटबंदी से दिक्‍कत सिर्फ कुछ नेताओं को: भाजपा

भाजपा के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता श्रीकांत शर्मा का कहना है कि नोटबंदी पर जनता लाइन में लगी थी, लेकिन सड़क पर नहीं थी। उसे पता था कि सरकार आम लोगों के भले के लिए यह कदम उठा रही है। इसलिए जनता ने नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद हुए इस चुनाव में भी मोदी सरकार को समर्थन दिया है। इससे पहले नोटबंदी के दौरान हुए कई चुनावों में हम जीत दर्ज कर चुके हैं। असल में नोटबंदी से दिक्‍कत सिर्फ कुछ राजनीतिक लोगों को ही है। उन्‍हें फरीदाबाद की जनता ने भी जवाब दे दिया है।

कांग्रेस मौन, समाजवादी कुनबे में खुशी

इस बारे में कांग्रेस की प्रतिक्रिया लेने के लिए प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ. अशोक तंवर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्‍होंने कोई टिप्‍पणी नहीं की। दिलचस्‍प बात यह है कि वार्ड नंबर 5 से समाजवादी पार्टी समर्थित ललिता यादव ने जीत दर्ज की है। पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष सुरेंद्र भाटी ने कहा है कि सोमवार को पार्टी कार्यकर्ता उनके घर जाएंगे। बसपा ने सिंबल पर चुनाव लड़ा था लेकिन बताया गया है उसका एक भी प्रत्‍याशी नहीं जीता।

इन प्रत्‍याशियों ने दर्ज की जीत

जिन प्रत्‍याशियों ने भाजपा से जीत दर्ज की है उनमें सपना डागर, प्रियंका चौधरी, सुरेंद्र अग्रवाल, वीर सिंह नैन, ममता चौधरी, महेंद्र सरपंच, मनवीर भड़ाना, मनोज नासवा, सुमन बाला, सुमन भारती, जसवंत सिंह, सतीश कुमार, हेमा चौधरी, जितेंद्र यादव, गीता रक्षवाल, सोमलता भड़ाना, अजय बैसला, देवेंद्र चौधरी, नरेश नंबरदार, सुभाष आहूजा, छत्रपाल यादव, मनमोहन गर्ग, धनेश अदलखा, कुलबीर, राकेश उर्फ कपिल डागर, दीपक यादव, ओमवती सैनी, हरप्रसाद गौड़ और सविता तंवर शामिल हैं। नगर निगम के पिछले चुनाव में सिर्फ चार पार्षद भाजपा के थे।

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