नोटबंदी: RBI गवर्नर उर्जित पटेल प्रेस कांफ्रेंस में नही दे पाये सवालों के जवाब

नई दिल्ली- देश एक महीने से लाइन में खड़ा है और रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल चुप थे. कल जब उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई तो लोगों को उम्मीद थी हर सवाल का RBI जवाब देगा लेकिन हुआ ठीक उल्टा ,जवाब के रूप में कोई भी सवाल का ठोस जवाब हासिल नही हो कसा .

रिजर्व बैंक की पूरी टीम कल दोपहर मुंबई में क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा का एलान करने बैठी थी लेकिन लोगों की निगाहें सिर्फ इस पर थीं कि नोटबंदी से जुड़े सवालों पर रिजर्व बैंक और उसके गवर्नर उर्जित पटेल क्या राहत देने वाले हैं. सवाल तो सब पूछे गए लेकिन जवाब गोलमोल ही मिले.

RBI से पहला सवाल – कब दूर होगी कैश की किल्लत ?
जवाब रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर आर गांधी ने दिया, ‘सप्लाई की कमी नहीं हैजब लोग डिपाजिट करना शुरू कर देंगे तब दिक्कत दूर हो जाएगी

RBI से दूसरा सवाल – कैश निकालने की सीमा कब तक रहेगी?
जवाब फिर से डिप्टी गवर्नर आर गांधी ने ही दिया और कहा कि लगातार समीक्षा कर रहे हैं लेकिन सही तारीख बना पाना अभी मुश्किल है.

RBI से तीसरा सवाल – क्या 1000 का नया नोट आएगा?
उर्जित पटेल यहां भी चुप रहे जवाब एक बार फिर आर गांधी ने ही दिया और कहा, ‘कितने मूल्यों के नोट लाने हैं इसका फैसला लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सही समय आने पर किया जाएगा. इसलिए एक हजार रूपये के नोट आएंगे या नहीं इस बारे में कोई भी फैसला आगे चलकर किया जा सकता है. इस बारे में अभी कुछ तय नहीं है.’

RBI से चौथा सवाल- क्या पुराने नोट जमा करने की तारीख बदलेगी?
गांधी ने कहा, ‘जहां तक तारीख की बात है, समीक्षा लगातार हो रही है अभी बताना मुमकिन नही है . अब तक ये तारीख 30 दिसंबर ही है.

सवाल, सवाल ही रह गए, जो जवाब मिले उनसे उलझन और बढ़ गई. उर्जित पटेल की टीम ने ना कोई वादा किया ना कोई बड़ी राहत दी…जिस उम्मीद से लोग उन्हें देख रहे थे वो उम्मीद अब भी बस उम्मीद ही बनी हुई है. पीएम ने दिक्कतें दूर करने के लिए 30 दिसंबर तक का वक्त मांगा था 22 दिन अब भी बाकी हैं. उम्मीद यही है कि 22 दिन में मुसीबतों का अंत हो जाएगा.

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