हुआ खुलासा, इस तरह से कुछ बैंक दे रहे सरकार और जनता को धोखा, बदल रहे कालेधन को सफेद में!

तू डाल-डाल, मैं पात-पात की कहावत को चरितार्थ करते हुए देश के तमाम बैंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी अभियान को पलीता लगा रहे हैं। आलम यह है कि नोटबंदी के बाद से एक तरफ बैंक के बाहर लोग लंबी कतारों में अपने रुपये निकालने के लिए खड़े हैं, वहीं बैंक अधिकारी लाइन में खड़े लोगों को रुपयेे देने के बजाए अधिक फायदा उठाने के लिए अलग-अलग तरीकों से कारोबारियों की ब्लैकमनी को व्‍हाइट करने में जुटे हैं। 



बैंककर्मी इसके लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि किस-किस तरह से बैंककर्मी ब्लैकमनी को व्‍हाइट कर रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर में कुछ लोग बैंककर्मियों की इसी नोटबदली की शिकायत जिलाधिकारी को भी दे चुके हैं। डीएम ने ऐसे बैंक अधिकारियों पर जांच टीम बना दी है। 



दरअसल नोटबंदी का फायदा उठाने के लिए शहर के कई बैंककर्मी से लेकर अधिकारी तक इसमें जुट गए हैं। कुछ बैंककर्मी कमीशन और सोने के बदले में बिना लाइन और देर रात तक बैंक खोलकर लोगों के 500 और 1000 के नोटों को बदल रहे हैं, जबकि पब्लिक के लिए 4 बजे ही बैंक के गेट बंद कर दिए जाते हैं। चाहे वह कितना भी जरूरतमंद हो, लेकिन अपने परिचित और काली कमाई को सफेद करने वालों के लिए देर रात तक बैंक खोले जा रहे हैं। 

डीएम को दी गई शिकायत में कहा गया कि कुछ बैंककर्मी ब्लैक को व्‍हाइट करने के लिए एक शख्स से पीछे के गेट से 500 और 1000 के नोट लेने के साथ ही उनसे थोक में आईडी ले रहे हैं। इतना ही नहीं रुपये निकालने के लिए लाइन लगाने वाले लोगों की आईडी को भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इन आईडी के आधार पर बैंककर्मी एक ही दिन में लाखों रुपये की ब्लैकमनी को सफेद कर रहे हैं। 



सूत्रों की मानें तो कुछ बैंककर्मी ही कालेधन रखने वालों को जनधन बैंकों में रुपये डालने और अलग-अलग खातों में रुपये डालने की सलाह दे रहे हैं। ये लोग इनके रुपये डलवाने में मदद भी कर रहे हैं। 



500 और 1000 के नोट बदलने के लिए बैंककर्मी फ्री में ही किसी की मदद नहीं कर रहे हैं। वह इसके बदले में अच्छा खासा कमीशन ले रहे हैं। इसमें कुछ 30 से 40 प्रतिशत धन और ज्यादातर सोने की डिमांड कर रहे हैं। गौरतलब है कि ऐसे कई बैंक अधिकारी पकड़े भी जा चुके हैं। 

कमीशन के लालच में बैंककर्मी से लेकर अधिकारी अपनी नौकरी दांव पर लगाकर ज्यादा फायदा पाने के चक्कर में खेल करने में जुटे हैं। बैंककर्मियों की यह चोरी बाहर खड़ी पब्लिक ने भी पकड़ी है। लोगों ने इसकी शिकायत डीएम से भी की है। इसमें हाल में ही एक शख्स ने आरोप लगाया कि एक बैंक प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने रात में नौ बजे बैंक खोलकर 24 लाख रुपये के पुराने नोट बदलकर नए नोट दिए। 



ग्रेटर नोएडा के पांच बैंकों पर भी इस तरह के आरोप लगाए गए हैं। इनमें से एक शिकायत पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही फेज टू स्थित सरकारी बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपरअधिकारियों को इसकी शिकायत दी। इसके साथ ही जिलाधिकारी एनपी सिंह ने अन्य मामलों में भी जांच कमेटी बनाकर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने नोएडा के सिटी मजिस्ट्रेट और एडीएम वित्त केशव कुमार को बैंक कर्मी और अधिकारियों की जांच करने के आदेश दिए हैं। 

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